रायगढ़: कायाकल्प की धीमी प्रगति पर कलेक्टर नाराज, धरमजयगढ़ BMO को नोटिस
रायगढ़, 8 अक्टूबर 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कायाकल्प कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने नाराजगी जताई। उन्होंने धरमजयगढ़ के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला चिकित्सालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
एएनसी पंजीयन बढ़ाने पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्रवार एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) पंजीयन और जांच की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने और एएनसी सेवाओं की प्रगति में सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने हाई रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) के मामलों की वर्षवार स्थिति का विश्लेषण कर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही हाई रिस्क गर्भावस्था के मामलों को एएनसी व्यवस्था में समय पर चिन्हित करने में आ रही दिक्कतों की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
छूटे हितग्राहियों का टीकाकरण कराने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीकाकरण से छूटे पात्र हितग्राहियों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए और उनका टीकाकरण पूरा कराया जाए।
फील्ड की समस्याओं का समाधान कर परिणाम सुधारने पर जोर
कलेक्टर ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं, इसलिए अधिकारी-कर्मचारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।
बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के साथ कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
